मंगलवार, 22 नवंबर 2011

चलें बातें करें...

आज से पार्लियामेंट का शीतकालिन अधिवेशन आरंभ हो रहा है... कई मुद्दे हैं- महंगाई, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, डावाँडोल अर्थव्यवस्था। उधर मायावती जी ने उत्तर प्रदेश के विभाजन का नया दांव खेल दिया है। मैं इस ब्लाग पर वापस आया क्योंकि मुझे लगा कि इन बातों का हमारे जीवन पर सीधा असर पड़ता है लेकिन हम कतराते रहते हैं, पता नहीं क्यों? तो चलें बातें करें...