शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2010

मनाओ होली सब संग......


महकते खिलते टेसू के फूल
उडते बिखरते गुलाल
छीटें पानी की ...............
कुछ ऎसी ही यादें होली की
किल्लारी मचाती बच्चों की फौज
भागते लिए हाथों गुब्बारों का झोल
कुछ ऎसी ही यादें होली की............
मौसम की बदलती रंगत
कुछ कहते कुछ सुनते
गुनगुन कानों में अल्पविराम
कुछ ऎसी ही यादे होली की........
भुल जाओ हर गम
हर बैर -भाव
याद करों बचपन के वो दिन
मनाओ होली सब संग........
....।

6 टिप्‍पणियां:

Suman ने कहा…

nice

kshama ने कहा…

Bahut sundar rachana!

shama ने कहा…

Sunitaji, bahut sundar shubhkamnayen dee hain aapne!

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बहुत बढ़िया प्रस्तुति . रंग उत्सव की शुभकामनाये ....

संजय भास्कर ने कहा…

होली की बहुत-बहुत शुभकामनायें.

ज्योति सिंह ने कहा…

sundar rachna