शुक्रवार, 1 जनवरी 2010

नव वर्ष नव कल्पना.......!


नव वर्ष नव कल्पना
नित नवीन सृजन करे।
खिले फुल ,महके गुलशन
सरस किरणों का स्वागत करे.............!
गुजित भंवरे ,गुनगुन स्वर
रिमझिम फूहार की कामना करे
जीवन हो सरल
दिशाये दीप्तमान नवीन
प्रहर का इन्तजार करे...........!
नव वर्ष नव कल्पना
नित नवीन सृजन करे
दुख भ्रम की किचिंत
छाया न हो
सुखों की अल्पविराम रागिनी
एक नवगीत को साज आवाज दे..............!
नव नर्व नव कल्पना
नित नवीन सृजन करे।
      ......................

sunita sharma
freelancer journalist
utttarakhand

7 टिप्‍पणियां:

संगीता पुरी ने कहा…

आपके और आपके परिवार के लिए भी नववर्ष मंगलमय हो !!

zeashan zaidi ने कहा…

नव वर्ष की शुभकामनाएं.

Udan Tashtari ने कहा…

सुन्दर रचना!!


वर्ष २०१० मे हर माह एक नया हिंदी चिट्ठा किसी नए व्यक्ति से भी शुरू करवाने का संकल्प लें और हिंदी चिट्ठों की संख्या बढ़ाने और विविधता प्रदान करने में योगदान करें।

- यही हिंदी चिट्ठाजगत और हिन्दी की सच्ची सेवा है।-

नववर्ष की बहुत बधाई एवं अनेक शुभकामनाएँ!

समीर लाल
उड़न तश्तरी

Sunita Sharma ने कहा…

समीर जी आपने सही लिखा है कुछ इस तरह का सकंल्प ले लिया है व काम शुरू भी कर दिया है आपको नव की हार्दिक शुभकामनाएं ।

shama ने कहा…

Naye saal kee anek mangal kamnayen!

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

शुभकामनायें.

संजय भास्कर ने कहा…

नव वर्ष 2010 की मंगल कामना.