गुरुवार, 13 अगस्त 2009

खुला मंच: एक सवाल तुम करो

मनुष्य का हृदय छोटी-छोटी बातों से उद्वेलित होता रहा है और जब तक जिन्दगी है ब्रह्माण्ड में होता ही रहेगा...
यही छोटी बातें जिन्दगी, समाज, व्यवहार, संस्कृति, साहित्य, राजनीती, विज्ञान, अर्थशास्त्र आदि-इत्यादि में परिवर्तन लाती रही हैं...
शमा जी और मैंने इसी कारण से इस ब्लॉग की शुरुआत की है जहाँ इन बातों पर चर्चा करेंगे और आशा करते हैं आप सभी ब्लोग्गर्स इसमे शामिल होंगे और इसे एक मंच का रूप प्रदान करेंगे...
इस चिट्ठे में हमारा विषय तथ्यपरक एवं विचारोत्तेजक तो होगा परन्तु किसी भी ब्लोग्गर के विचारों पर व्यक्तिगत टिपण्णी नहीं करेंगे...
प्रथम पोस्ट शमा जी ही लिखेंगी क्यूंकि इस ब्लॉग की परिकल्पना उनकी ही है...उम्मीद है १५ अगस्त को पहली रचना हम सभी को पढने को मिलेगी...
आप सभी का स्वागत है इस मंच पर...कृपया आकर अपना अमूल्य सुझाव एवं सवाल अवश्य दें...

4 टिप्‍पणियां:

Nirmla Kapila ने कहा…

बहुत बडिया प्रयास है बधाई जय हिन्द्

M VERMA ने कहा…

बेहतरीन आईडिया है

वाणी गीत ने कहा…

बहुत बढ़िया ..!!
स्वतंत्रता दिवस की बहुत शुभकामनायें .

anitakumar ने कहा…

good work